कैशलेस चिकित्सा योजना को कैबिनेट में मंजूरी दिलाने तेज हुए प्रयास, खेल के मैदान में भी दिखा संघ का जलवा

जांजगीर-चांपा। राज्य सरकार द्वारा बजट में घोषित कैशलेस चिकित्सा योजना को धरातल पर लाने के लिए कर्मचारी संगठनों ने अपनी कमर कस ली है। छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ के जिला संयोजक आशीष राज पाटले ने बताया कि 15 अप्रैल को होने वाली प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दिलाने के लिए संगठन हर स्तर पर सक्रिय है।
उच्च स्तरीय चर्चा और प्रयास संघ की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती उषा चंद्राकार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में मुख्य स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया से मुलाकात की। इस दौरान योजना की नियमावली (रूल्स), अस्पतालों के पैनल और सुगम भुगतान प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अभियान में संगठन संरक्षक राकेश सिंह, संस्थापक विजय कोचेंद्र सहित प्रादेशिक पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही है।
इस अभियान को मजबूती देने और सफल बनाने में हरीश, गोपाल, धर्मेंद्र यादव, विशाल, वैभव, विवेक राठौर, दिलीप भारती, राजेंद्र जायसवाल, विकास सिंह, विनय सिंह, राजीव नयन शुक्ला और रविन्द्र द्विवेदी जैसे सक्रिय सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

कर्मचारियों को मिलेगी बड़ी राहत
जिला संयोजक आशीष राज पाटले ने जोर देकर कहा कि वर्तमान प्रतिपूर्ति प्रणाली (Reimbursement) काफी जटिल है, जिससे इलाज के दौरान कर्मचारियों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। कैशलेस सुविधा लागू होने से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और उनके परिजनों को बिना नकद भुगतान के सीधे बेहतर इलाज मिल सकेगा। 15 अप्रैल की बैठक से प्रदेश के शासकीय सेवकों को बड़ी उम्मीदें हैं।
कर्मचारी-अधिकारी प्रीमियर लीग में बने विजेता
संगठन न केवल हक की लड़ाई लड़ रहा है, बल्कि खेल के मैदान में भी अपनी एकता का लोहा मनवा रहा है। हाल ही में आयोजित कर्मचारी-अधिकारी प्रीमियर लीग में कैशलेस चिकित्सा सेवा संघ की टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। 32 टीमों के बीच 10 दिनों तक चले इस कड़े मुकाबले में संघ की टीम का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा।
यह जीत हमारी टीम भावना और अटूट एकता का प्रतीक है। हम शासन से मांग करते हैं कि कर्मचारियों के स्वास्थ्य हितों को ध्यान में रखते हुए कैशलेस चिकित्सा योजना को जल्द से जल्द लागू किया जाए।
आशीष राज पाटले, जिला संयोजक





