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राजधानी के श्री दूधाधारी मठ में हनुमान जन्मोत्सव की धूम: उमड़ा जनसैलाब, महन्त रामसुन्दर दास ने दिया विश्व कल्याण का संदेश

रायपुर। राजधानी के ऐतिहासिक एवं प्राचीन श्री दूधाधारी मठ में हनुमान जयंती का पर्व हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। मठ में विराजित ‘श्री संकट मोचन हनुमान जी’ के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा, जो समाचार लिखे जाने तक अनवरत जारी है।

चालीसा और सुंदरकांड का गूंजा स्वर
हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर दूधाधारी मठ का परिसर पूरी तरह राममय नजर आया। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर सपरिवार भगवान का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। परिसर के हर कोने में भक्त हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करते नजर आए। ‘श्री राम जय राम जय जय राम’ के महामंत्र जाप से पूरा वातावरण भक्ति के रस में सराबोर रहा।

विशेष पूजा और विशाल भंडारा
दोपहर के समय हनुमान जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में भगवान संकट मोचन की विशेष महापूजा और श्रृंगार किया गया। इस पावन अवसर पर मठ द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।
“हनुमान जी चारों युग के देवता हैं” – राजेश्री महन्त
इस अवसर पर महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान हनुमान केवल इस युग के नहीं, बल्कि चारों युगों के जागृत देवता हैं। उन्होंने कहा:

“हनुमान जी तीनों लोकों के स्वामी और संकटों के हरता हैं। संसार का ऐसा कोई कष्ट नहीं है जिससे हनुमान जी मुक्ति न दिला सकें। प्रत्येक व्यक्ति को नियमित हनुमान चालीसा का पाठ कर अपने जीवन को सुखमय बनाना चाहिए।” महन्त जी ने इस पावन पर्व पर सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्व कल्याण की कामना की।

प्रदेश भर से पहुंचे श्रद्धालु
श्री दूधाधारी मठ की ख्याति और संकट मोचन हनुमान जी के प्रति अगाध श्रद्धा के चलते केवल रायपुर ही नहीं, बल्कि राजनांदगांव, अंबिकापुर, जगदलपुर, भिलाई, दुर्ग, बेमेतरा और बिलासपुर जैसे शहरों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। मान्यता है कि यहां हनुमान जी के दर्शन मात्र से भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

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