अमरनाथ यात्रा 2026: रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू, जानें पात्रता नियम और आवेदन का पूरा तरीका

नई दिल्ली: बाबा बर्फानी के दर्शन की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) ने अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए पंजीकरण की गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। भक्त बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन या देश भर की 550 से अधिक बैंक शाखाओं के जरिए ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
अगर आप भी इस पावन यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो यहाँ पात्रता और रजिस्ट्रेशन की पूरी जानकारी दी गई है।
यात्रा के लिए पात्रता (Eligibility Criteria)
यात्रा पर जाने से पहले इन नियमों को ध्यान से पढ़ लें:
- आयु सीमा: श्रद्धालु की उम्र 13 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- स्वास्थ्य: 6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं है।
- मेडिकल सर्टिफिकेट: सभी यात्रियों के लिए ‘अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र’ (CHC) होना आवश्यक है। ध्यान रखें कि यह सर्टिफिकेट 8 अप्रैल, 2026 के बाद ही जारी किया गया हो।
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया: ऑनलाइन और ऑफलाइन
पंजीकरण ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जा रहा है। यात्रा की निर्धारित तिथि से 7 दिन पहले स्लॉट बंद कर दिए जाते हैं।
- ऑनलाइन: आप श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।
- ऑफलाइन: पूरे भारत में SBI, PNB, ICICI, YES और AXIS बैंक की 550 चिन्हित शाखाओं में आवेदन किया जा सकता है।
- दस्तावेज: आवेदन फॉर्म और मेडिकल सर्टिफिकेट का फॉर्मेट आप SASB के आधिकारिक पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं।
रास्ते का चुनाव: अपनी क्षमता के अनुसार चुनें मार्ग
अमरनाथ गुफा तक पहुँचने के मुख्य रूप से दो रास्ते हैं: मार्ग दूरी विवरण पहलगाम मार्ग 48 किलोमीटर यह रास्ता लंबा है लेकिन इसकी चढ़ाई धीरे-धीरे बढ़ती है। पहली बार यात्रा करने वालों के लिए यह सबसे उपयुक्त है। बालटाल मार्ग 14 किलोमीटर यह रास्ता छोटा है लेकिन बहुत खड़ी चढ़ाई वाला है। अनुभवी ट्रैकर्स अक्सर इसे चुनते हैं।
सुरक्षा और सुविधाएं
श्राइन बोर्ड ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं:
- बीमा: प्रत्येक यात्री को 10 लाख रुपये का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस कवरेज मिलता है।
- ट्रैकिंग: सुरक्षा के लिहाज से यात्रियों को RFID ट्रैकिंग कार्ड अनिवार्य रूप से पहनना होगा।
- आवास: बालटाल, नुनवान, श्रीनगर और चंदनवाड़ी में ठहरने के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
- प्री-पेड सर्विस: पालकी, घोड़ा या कुली की सेवाओं के लिए यात्रियों को अब प्री-पेड सिस्टम की सुविधा मिलेगी, जिससे धोखाधड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी।



