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अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस का बड़ा भंडार मिला, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने दी जानकारी

ऑयल इंडिया को गहरे समुद्र में गैस खोजने में कामयाबी, ऊर्जा क्षेत्र में भारत को मिली महत्वपूर्ण सफलता और आत्मनिर्भरता लक्ष्य को मिलेगा बल

🔴 Aaj Ki Baat News | नई दिल्ली

भारत की ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू उत्पादन बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल एवं गैस कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) को अंडमान सागर के गहरे समुद्री क्षेत्र में प्राकृतिक गैस का महत्वपूर्ण भंडार मिला है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी साझा करते हुए ऑयल इंडिया की टीम को बधाई दी है।

केंद्रीय मंत्री ने इसे भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यह सफलता देश में तेल और गैस के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने में मददगार साबित होगी।

समुद्र में 355 मीटर की गहराई पर मिला गैस भंडार

जानकारी के अनुसार अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित ‘श्री विजयपुरम-3’ नामक अन्वेषण कुएं में प्राकृतिक गैस की मौजूदगी दर्ज की गई है। यह क्षेत्र समुद्र की सतह से करीब 355 मीटर गहराई में स्थित है।

ऑयल इंडिया द्वारा समुद्र तल के नीचे 1900 मीटर से अधिक गहराई तक ड्रिलिंग कर प्रारंभिक परीक्षण किया गया, जिसमें हाइड्रोकार्बन गैस की उपस्थिति की पुष्टि हुई है।

गैस की गुणवत्ता और क्षमता का हो रहा परीक्षण

कंपनी फिलहाल गैस के नमूने एकत्र कर उसकी संरचना और ऊर्जा क्षमता का अध्ययन कर रही है। इसके साथ ही आइसोटोप परीक्षण के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि गैस का निर्माण किस प्रकार और किन परिस्थितियों में हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद इस भंडार की वास्तविक क्षमता और व्यावसायिक उपयोग की संभावनाओं का स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।

‘समुद्र मंथन मिशन’ को मिली नई मजबूती

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस 2025 पर घोषित ‘समुद्र मंथन मिशन’ के तहत देश के अपतटीय क्षेत्रों में डीपवॉटर और अल्ट्रा-डीपवॉटर अन्वेषण को गति दी जा रही है।

इस मिशन का उद्देश्य समुद्री क्षेत्रों में मौजूद तेल और गैस संसाधनों की खोज कर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना तथा आयात पर निर्भरता कम करना है।

अंडमान बेसिन में लगातार मिल रही सफलता

अंडमान बेसिन में चल रहे अन्वेषण अभियान के तहत ऑयल इंडिया द्वारा अब तक तीन अन्वेषण कुएं ड्रिल किए गए हैं। इनमें से दो कुओं में हाइड्रोकार्बन की मौजूदगी दर्ज की जा चुकी है। यह उपलब्धि भारत के डीपवॉटर अन्वेषण कार्यक्रम को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

विशेषज्ञों के अनुसार प्राकृतिक गैस की यह खोज देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने, गैस आयात पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। साथ ही यह भारत को वैश्विक स्तर पर डीपवॉटर ऊर्जा अन्वेषण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में भी मदद करेगी।

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