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जांजगीर-चांपा में ‘आधी आबादी’ का पूरा दम: सदन में पुरुष विधायकों पर भारी महिला शक्ति, पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश ने मारी बाजी

पहली बार विधानसभा पहुंचे ‘कांग्रेस की त्रिमूर्ति’ ने गाड़े झंडे; पामगढ़, अकलतरा और जांजगीर के युवा तुर्कों ने बदला राजनीति का चेहरा

जांजगीर-चांपा: राजनीति के मैदान में अक्सर अनुभव को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन जांजगीर-चांपा जिले के तीन ‘पहली बार’ के विधायकों ने इस धारणा को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। जिले की तीनों प्रमुख सीटों पामगढ़, अकलतरा और जांजगीर-चांपा पर काबिज कांग्रेस के युवा विधायकों ने सदन से लेकर सड़क तक अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। विशेषकर, पामगढ़ की महिला विधायक शेषराज हरबंश ने विधायी कार्यों में जो सक्रियता दिखाई है, उसने जिले के दिग्गज पुरुष सहयोगियों को भी पीछे छोड़ दिया है।

आंकड़ों की जुबानी: कौन कितना प्रभावी?
विधानसभा के पटल पर जनता की समस्याओं को ‘सवाल’ की शक्ल देने की रेस में शेषराज हरबंश निर्विवाद रूप से नंबर वन पर काबिज हैं। आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से यह साफ होता है कि महिला नेतृत्व सदन में अधिक मुखर है। पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश ने जहां 54 दिनों की सदन की उपस्थिति के दौरान कुल 189 प्रश्न पूछे हैं, वहीं अकलतरा विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह ने 53 दिनों की उपस्थिति के साथ 176 प्रश्न पटल पर रखे हैं। इसी क्रम में जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप ने 54 दिनों की उपस्थिति दर्ज कराते हुए अब तक 160 प्रश्न पूछे हैं। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि पहली बार चुनकर आने के बावजूद ये जनप्रतिनिधि सदन की कार्यवाही में अनुभवी नेताओं से कहीं अधिक सक्रिय हैं।

सदन में दहाड़, सड़क पर सक्रियता ये तीनों विधायक केवल विधानसभा की ‘वीआईपी कुर्सी’ तक सीमित नहीं हैं। जहां जांजगीर-चांपा में व्यास कश्यप की जमीनी पकड़ और अकलतरा में राघवेंद्र सिंह का युवा जोश विपक्ष की ताकत बना हुआ है, वहीं पामगढ़ में शेषराज हरबंश का ‘ट्रैक रिकॉर्ड’ सबसे शानदार है। उन्होंने क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ महिला सुरक्षा, शिक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों पर सरकार को मजबूती से घेरा है।

“पामगढ़ की जनता ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, उसे बनाए रखना मेरी पहली प्राथमिकता है। सदन में मेरे द्वारा पूछे गए 189 सवाल केवल आंकड़े नहीं, बल्कि मेरे क्षेत्र की जनता की वे उम्मीदें हैं जिन्हें शासन तक पहुँचाना मेरा कर्तव्य है। उपस्थिति हो या प्रश्नों की संख्या, मेरा लक्ष्य सिर्फ एक है – मेरे क्षेत्र के विकास का पहिया कभी न रुके। यह तो बस शुरुआत है, जनता के हक की लड़ाई अभी और मजबूती से लड़ी जाएगी।”
शेषराज हरबंश, विधायक पामगढ़

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