छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से बदलेगी शराब की बोतल, कांच की जगह अब प्लास्टिक में मिलेगी मदिरा, क्या घटेंगे दाम?

रायपुर: छत्तीसगढ़ की शासकीय शराब दुकानों में नए वित्तीय वर्ष (2026-27) से एक बड़ी व्यवस्था लागू होने जा रही है। प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति के तहत अब शराब कांच की बोतलों के बजाय प्लास्टिक की बंद बोतलों में बेची जाएगी। 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होने वाले इस नियम का सीधा असर शराब की कीमतों और उसकी उपलब्धता पर पड़ सकता है।
क्यों लिया गया यह फैसला
सूत्रों के अनुसार, कांच की तुलना में प्लास्टिक की बोतलें काफी सस्ती पड़ती हैं। शराब निर्माता कंपनियों के लिए कांच की एक बोतल तैयार करने की लागत में प्लास्टिक की दो या उससे अधिक बोतलें तैयार हो जाती हैं। लागत में इस बड़ी कमी का लाभ उपभोक्ताओं को मिल सकता है, जिससे शराब की कीमतों में मामूली गिरावट आने की प्रबल संभावना है।
स्टॉक खत्म होने तक मिलेगी ‘कांच की बोतल’
भले ही नियम 1 अप्रैल से लागू हो रहा है, लेकिन कांच की बोतलें तुरंत बाजार से बाहर नहीं होंगी: वेयरहाउस और दुकानों में मौजूद कांच की बोतलों का स्टॉक खत्म होने तक उनकी बिक्री जारी रहेगी। जब पुराना स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो जाएगा, तभी प्लास्टिक की बोतलों का नियम पूर्ण रूप से प्रभावी होगा।
पूरी तरह लागू होने में लग सकता है 1-2 महीने का समय
जानकारों का मानना है कि इस व्यवस्था को धरातल पर पूरी तरह उतरने में मई या जून तक का समय लग सकता है। इसका कारण यह है कि कंपनियों को अपनी पैकेजिंग यूनिट और फैक्ट्री सेटअप में बदलाव करना होगा। आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कंपनियों के साथ इस विषय में तकनीकी चर्चा जारी है।
क्या वाकई सस्ती होगी शराब?
कीमतों में कमी को लेकर अभी सस्पेंस बना हुआ है। रायपुर आबकारी विभाग के उपायुक्त के अनुसार, “कैबिनेट के फैसले के तहत 1 अप्रैल से नियम लागू होगा। बोतल की कीमतें घटेंगी या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी संचालनालय स्तर से ही स्पष्ट हो पाएगी।” हालांकि, पैकेजिंग लागत कम होने के कारण आंशिक राहत की उम्मीद जताई जा रही है।




