बहेराडीह के किसान स्कूल में पेड़ों को रक्षासूत्र बांधकर मनाया गया प्रकृति राखी पर्व, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

महिलाओं, बेटियों और अधिकारियों ने की पेड़-पौधों की पूजा, हरियाली बचाने और नए पौधे लगाने का दिया संदेश
जांजगीर-चांपा। 28 अगस्त 2026। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बचाने का संदेश देने के उद्देश्य से वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह में ‘प्रकृति राखी त्योहार’ का गरिमामय आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिलाओं, बेटियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उपस्थित जनों ने पेड़-पौधों को रक्षासूत्र बांधकर उनकी रक्षा और नियमित देखरेख करने का संकल्प लिया।
प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने पेड़ों को परिवार के सदस्य के समान मानते हुए उनकी पूजा-अर्चना की। उपस्थित महिलाओं और बेटियों ने कहा कि जिस प्रकार रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते में सुरक्षा और स्नेह का प्रतीक है, उसी प्रकार पेड़ों को राखी बांधना धरती और पर्यावरण के प्रति हमारी जवाबदेही को दर्शाता है। पेड़ हमें शुद्ध हवा, फल, छाया और जीवनोपयोगी संसाधन देते हैं, इसलिए पर्यावरण को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है।
“प्रकृति राखी तिहार का उद्देश्य केवल एक दिन पेड़ों को राखी बांधना नहीं, बल्कि पूरे वर्ष प्रकृति संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है। इस तरह के आयोजन गांव-गांव में होने चाहिए, ताकि महिलाएं, बेटियां और युवा पर्यावरण संरक्षण के अभियान से जुड़ सकें।” — दीनदयाल यादव, संचालक, किसान स्कूल बहेराडीह
प्रशासनिक अधिकारी और समाजसेवी रहे उपस्थित
इस आयोजन में जांजगीर की नायब तहसीलदार वर्षा अग्रवाल, पर्वतारोही अमिता श्रीवास, समाजसेविका मंजूषा पाटले, 12वीं की टॉपर छात्रा खुशबू देवांगन, पूर्व सरपंच चन्द्रकला सरवन कश्यप, सक्रिय महिला ललिता यादव, पशु सखी पुष्पा यादव, मितानिन लक्ष्मीन यादव, आरसेटी से अरुण पाण्डेय, अजय अग्रवाल, मणिकांत अग्रवाल तथा बिहान योजना से जुड़ी कृषि सखी, पशु सखी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं शामिल हुईं।




