छत्तीसगढ़

शिक्षा विभाग में बड़ी कार्रवाई, नेटवर्क मार्केटिंग और फर्जी बीएड मामले में दो शिक्षिकाएं निलंबित

दुर्ग । स्कूल समय में बच्चों को पढ़ाने के बजाय नेटवर्क मार्केटिंग में समय देने और फर्जी तरीके से उपस्थिति दर्ज कराकर बीएड की पढ़ाई करने वाली दो शिक्षिकाओं पर शिक्षा विभाग ने निलंबन की गाज गिराई है। संयुक्त संचालक, संभागीय कार्यालय दुर्ग ने जांच प्रतिवेदन और साक्ष्यों के आधार पर यह कड़ी कार्रवाई की है।
केस 1:

बच्चों को पढ़ाने के बजाय ‘हर्बल लाइफ’ की मार्केटिंग
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोरपा की प्रधान पाठक कल्पना सेन पर आरोप था कि वे अध्यापन कार्य की उपेक्षा कर ‘हर्बल लाइफ’ कंपनी की नेटवर्क मार्केटिंग गतिविधियों में सक्रिय थीं। शिकायत के बाद धमधा बीईओ ने मामले की जांच की। जांच के दौरान उपलब्ध फोटो, वीडियो और दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ कि प्रधान पाठक कंपनी की बैठकों में शामिल होकर अन्य लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रही थीं। इसे शासकीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही मानते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया।


केस 2:

स्कूल में ‘हाजिरी’ और कॉलेज में ‘रेगुलर पढ़ाई’
निलंबन की दूसरी कार्रवाई शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दारगांव में पदस्थ शिक्षिका (एलबी) त्रिवेणी गोस्वामी पर हुई है। जांच में सामने आया कि उन्होंने एक ही शैक्षणिक सत्र के दौरान स्कूल में नियमित उपस्थिति दर्ज कराई और साथ ही भिलाई स्थित नायर समाजम कॉलेज से ‘रेगुलर’ बीएड पाठ्यक्रम पूरा किया। विभाग द्वारा 13 अक्टूबर 2025 को जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब में शिक्षिका ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। पदीय दायित्वों के साथ धोखाधड़ी और लापरवाही के चलते विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।


विभागीय चेतावनी
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शासकीय कार्यों में अनुशासनहीनता और लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई अन्य कर्मचारियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि वे अपने निर्धारित कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें।

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